Author: डॉ. मीना पूर्बिया एवं मंजु मीणा
Affiliation: शिक्षा स्नातक संकाय, MLSU, उदयपुर; मंजु मीणा, शोधार्थी, MLSU, उदयपुर
Volume/Issue: Vol. 1 (Jan–June 2026)
Pages: 61–68
सारांश
नई शिक्षा नीति 2020 भारतीय शिक्षा व्यवस्था में व्यापक संरचनात्मक और वैचारिक परिवर्तन लाने का प्रयास करती है। यह नीति बहुविषयक शिक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, अनुसंधान-आधारित अधिगम तथा कौशल विकास पर विशेष बल देती है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य नई शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में समाजशास्त्र के शिक्षण से संबंधित प्रमुख चुनौतियों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रयोग के प्रभावों का डेटा-आधारित विश्लेषण करना है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि AI ने समाजशास्त्र के क्षेत्र में अनुसंधान, डेटा विश्लेषण, शिक्षण सामग्री निर्माण, व्यक्तिगत अधिगम तथा मूल्यांकन प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाया है। इसके साथ ही डिजिटल विभाजन, तकनीकी असमानता, डेटा गोपनीयता, नैतिकता तथा आलोचनात्मक चिंतन में संभावित कमी जैसी चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। समाजशास्त्र जैसे मानवीय और व्याख्यात्मक विषय में केवल तकनीकी दक्षता पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता, मानवीय मूल्यों और संदर्भगत समझ का भी समान महत्व है। अध्ययन यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि नई शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों की प्रभावी प्राप्ति के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शिक्षकों और विद्यार्थियों के सहयोगी उपकरण के रूप में अपनाना आवश्यक है, ताकि तकनीकी नवाचार और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके।
कुंजी शब्द: नई शिक्षा नीति 2020, समाजशास्त्र शिक्षण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल शिक्षा, डेटा-आधारित विश्लेषण, बहुविषयक शिक्षा, डिजिटल विभाजन, उच्च शिक्षा, सामाजिक न्याय, शैक्षिक नवाचार।
